कंप्यूटर केवल हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर का समूह नहीं है, बल्कि यह एक संगठित प्रणाली है जो इन दोनों के बीच समन्वय स्थापित करती है।
कंप्यूटर आर्किटेक्चर (Computer Architecture) वह ढांचा या डिजाइन है जो यह निर्धारित करता है कि कंप्यूटर के विभिन्न घटक (जैसे CPU, मेमोरी, ALU, Control Unit, Buses आदि) आपस में कैसे जुड़ते हैं, कैसे काम करते हैं, और किस प्रकार डेटा का आदान-प्रदान होता है।
👉 सरल शब्दों में:
कंप्यूटर आर्किटेक्चर वह “ब्लूप्रिंट” है जो कंप्यूटर के आंतरिक संचालन और संरचना को परिभाषित करता है।
🧠 कंप्यूटर आर्किटेक्चर के मुख्य घटक
कंप्यूटर आर्किटेक्चर को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जाता है:
- Central Processing Unit (CPU) – यह कंप्यूटर का मस्तिष्क होता है।
- Memory (स्मृति) – इसमें डेटा और निर्देश संग्रहीत रहते हैं।
- Input / Output Devices – ये बाहरी दुनिया से संपर्क स्थापित करते हैं।
इन तीनों को जोड़ने वाला माध्यम होता है System Bus।
अब हम CPU और उसके उप-घटकों को विस्तार से समझेंगे।
⚙️ Central Processing Unit (CPU)
CPU को कंप्यूटर का Brain (मस्तिष्क) कहा जाता है क्योंकि यह सभी प्रकार की गणनाएँ और नियंत्रण कार्य करता है।
यह कंप्यूटर के अंदर मौजूद एक चिप होती है (जैसे Intel Core i5, AMD Ryzen, Apple M1 आदि)।
CPU मुख्यतः तीन भागों में बँटा होता है:
- ALU (Arithmetic Logic Unit)
- Control Unit (CU)
- Registers
🔹 1. ALU (Arithmetic and Logic Unit)
ALU का कार्य गणितीय (Arithmetic) और तार्किक (Logical) संचालन करना होता है।
यह CPU का सबसे सक्रिय भाग है, क्योंकि अधिकांश गणनाएँ यहीं होती हैं।
🧩 कार्य:
| कार्य का प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| Arithmetic Operations | जोड़ (+), घटाना (−), गुणा (×), भाग (÷) |
| Logical Operations | AND, OR, NOT, XOR |
| Comparison | दो संख्याओं की तुलना: A > B, A = B आदि |
| Bitwise Operations | बाइनरी बिट्स पर कार्य जैसे shifting, masking आदि |
💡 उदाहरण:
मान लो हमें दो संख्याएँ जोड़नी हैं —
A = 10, B = 15
→ ALU इन दोनों को इनपुट लेगा
→ “Add” instruction CU से प्राप्त करेगा
→ और परिणाम (25) Register या Memory में भेज देगा।
🧠 ALU के मुख्य भाग:
- Arithmetic Section – गणितीय क्रियाएँ
- Logic Section – तार्किक तुलना एवं निर्णय
- Accumulator Register – अस्थायी परिणामों को रखने वाला register
- Flags – परिणाम की स्थिति (Zero, Negative, Carry, Overflow आदि) बताने वाले संकेतक
🔹 2. Control Unit (CU)
Control Unit CPU का “Controller” होता है।
यह किसी orchestra के “Conductor” की तरह काम करता है — जो बताता है कि कौन-सा भाग कब, कैसे और कितना कार्य करेगा।
🧩 Control Unit के कार्य:
- Instruction Fetch – Memory से अगला instruction लाना
- Instruction Decode – यह समझना कि instruction का अर्थ क्या है
- Instruction Execute – ALU या अन्य unit को आदेश देना
- Control Signals Generate करना – CPU और बाकी हिस्सों के बीच सिग्नल भेजना
💡 उदाहरण:
यदि कोई instruction है —
ADD A, B
तो Control Unit यह करती है:
- Memory से “ADD” instruction लाती है
- ALU को बताती है कि “Addition” करना है
- Registers से A और B के मान ALU को भेजती है
- परिणाम वापस Register में स्टोर कराती है
⚙️ Control Unit के प्रकार:
- Hardwired Control Unit – Fixed wiring से नियंत्रित (तेज़ लेकिन बदलना मुश्किल)
- Microprogrammed Control Unit – Microinstructions से नियंत्रित (लचीला और आसान प्रोग्रामिंग)
🔹 3. Registers
Registers छोटे, तेज़ और अस्थायी स्टोरेज यूनिट होते हैं।
CPU में ये बहुत सीमित संख्या में होते हैं लेकिन गति बहुत अधिक होती है।
| Register | कार्य |
|---|---|
| Accumulator (A) | Intermediate परिणाम रखने के लिए |
| Program Counter (PC) | अगला instruction कहाँ है, यह बताता है |
| Instruction Register (IR) | वर्तमान instruction रखता है |
| Memory Address Register (MAR) | Memory का address रखता है |
| Memory Data Register (MDR) | Memory से आने वाला डेटा रखता है |
🧮 CPU का कार्य चक्र (CPU Cycle)
CPU एक समय में एक instruction को execute करता है।
इस प्रक्रिया को Instruction Cycle कहा जाता है।
🌀 CPU Instruction Cycle के चरण:
- Fetch – Memory से instruction लाना
- Decode – उसे समझना
- Execute – उसे चलाना
- Store – परिणाम को Memory या Register में रखना
📘 इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाता है, जिससे पूरा प्रोग्राम execute होता है।
🔷 सिस्टम बस (System Bus)
अब देखते हैं कि CPU, Memory और I/O devices आपस में कैसे communicate करते हैं — इसका उत्तर है Bus System।
Bus एक communication path है जो डेटा, एड्रेस और कंट्रोल सिग्नल्स को ट्रांसफर करता है।
🧩 Bus के प्रकार:
- Data Bus (डेटा बस)
- यह वास्तविक डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजता है।
- द्विदिश (Bidirectional) होती है — यानी डेटा दोनों दिशाओं में जा सकता है।
- Address Bus (पता बस)
- यह बताती है कि डेटा कहाँ से आना है या कहाँ जाना है।
- एकदिश (Unidirectional) होती है — CPU से Memory की ओर।
- Control Bus (नियंत्रण बस)
- यह Control Unit द्वारा भेजे गए संकेतों को ट्रांसफर करती है।
- जैसे Read, Write, Interrupt, Clock signals आदि।
⚙️ बस की चौड़ाई (Bus Width)
Bus की चौड़ाई (जैसे 8-bit, 16-bit, 32-bit, 64-bit) यह निर्धारित करती है कि एक बार में कितने बिट्स डेटा ट्रांसफर हो सकते हैं।
जितनी चौड़ी बस, उतना तेज़ डेटा ट्रांसफर।
🧩 कंप्यूटर आर्किटेक्चर का ब्लॉक डायग्राम
(यहाँ Canva या वेबसाइट के लिए ग्राफिक बना सकते हो)
➡️ इसमें दिखाओ:
- Input Devices
- CPU (ALU + CU + Registers)
- Memory
- Output Devices
- और इन्हें जोड़ने वाले तीन Bus (Data, Address, Control)
🔷 मेमोरी हायरेरकी (Memory Hierarchy)
CPU से संबंधित एक और महत्वपूर्ण भाग है Memory Hierarchy, जो गति और आकार के आधार पर वर्गीकृत होती है:
| स्तर | प्रकार | उदाहरण | गति | क्षमता |
|---|---|---|---|---|
| 1️⃣ | Registers | Accumulator, PC | सबसे तेज़ | बहुत कम |
| 2️⃣ | Cache Memory | L1, L2, L3 | बहुत तेज़ | सीमित |
| 3️⃣ | Main Memory | RAM | मध्यम | मध्यम |
| 4️⃣ | Secondary Storage | Hard Disk, SSD | धीमी | अधिक |
| 5️⃣ | Tertiary Storage | Optical Disk, Cloud | सबसे धीमी | बहुत अधिक |
🔷 CPU और मेमोरी का समन्वय
CPU और Memory के बीच fetch–execute cycle के दौरान लगातार डेटा ट्रांसफर होता है।
- CPU, Memory से instruction fetch करता है
- ALU उस पर ऑपरेशन करता है
- परिणाम को Memory में store करता है
यह समन्वय System Bus के माध्यम से होता है।
🔷 CPU की परफॉर्मेंस को प्रभावित करने वाले कारक
- Clock Speed (GHz)
जितनी अधिक होगी, उतने अधिक instruction प्रति सेकंड execute होंगे। - Cores की संख्या
अधिक cores = अधिक parallel processing - Cache Memory
अधिक cache = कम delay - Bus Width
बड़ी bus = तेज़ data transfer - Instruction Set Architecture (ISA)
यह तय करता है कि CPU कौन-कौन से instructions समझ सकता है (जैसे RISC, CISC)।
🔷 RISC और CISC आर्किटेक्चर
| बिंदु | RISC (Reduced Instruction Set Computer) | CISC (Complex Instruction Set Computer) |
|---|---|---|
| निर्देशों की संख्या | कम | अधिक |
| गति | तेज़ | अपेक्षाकृत धीमी |
| उदाहरण | ARM, RISC-V | Intel x86 |
| उपयोग | मोबाइल, एम्बेडेड सिस्टम | पर्सनल कंप्यूटर |
🔷 CPU, ALU और Control Unit के बीच संबंध
| घटक | कार्य | एक-दूसरे से संबंध |
|---|---|---|
| ALU | गणना और लॉजिक कार्य | Control Unit से निर्देश प्राप्त करता है |
| Control Unit | निर्देशों का नियंत्रण और समन्वय | ALU और Registers को निर्देश देता है |
| Registers | डेटा अस्थायी रूप से रखता है | ALU और Memory दोनों से जुड़ा है |
🔷 आधुनिक CPU आर्किटेक्चर के उदाहरण
- Intel Core Series (x86 Architecture)
– Desktop और Laptop के लिए
– Multicore, Hyperthreading, Turbo Boost आदि फीचर्स - AMD Ryzen (Zen Architecture)
– उच्च परफॉर्मेंस और ऊर्जा दक्षता - Apple M-Series (ARM Architecture)
– Power Efficient, Unified Memory Architecture - RISC-V (Open Source Architecture)
– भविष्य की ओपन-स्टैंडर्ड CPU आर्किटेक्चर
🔷 उदाहरण
| डिवाइस | CPU प्रकार | आर्किटेक्चर |
|---|---|---|
| मोबाइल | Snapdragon (ARM) | RISC |
| लैपटॉप | Intel i5 | CISC |
| रास्पबेरी पाई | Broadcom (ARM) | RISC |
| सर्वर | AMD EPYC | CISC |
🔷 CPU और GPU में अंतर
| पहलू | CPU | GPU |
|---|---|---|
| मुख्य कार्य | सामान्य कार्य, नियंत्रण | ग्राफिक्स और समानांतर कार्य |
| कोर की संख्या | कम (4–16) | बहुत अधिक (1000+) |
| गति | कम क्लॉक, अधिक नियंत्रण | उच्च parallel performance |
| उपयोग | OS, Calculation | Gaming, AI, Deep Learning |
🔷 कंप्यूटर आर्किटेक्चर का विकास (History)
| युग | आर्किटेक्चर | विशेषता |
|---|---|---|
| 1940s | Von Neumann Architecture | एक Memory, Shared Data और Instruction |
| 1970s | Microprocessor Architecture | CPU एक chip पर |
| 1990s | Superscalar Architecture | Parallel instruction execution |
| 2000s | Multicore Architecture | Multiple CPUs on one chip |
| 2020s | Hybrid Architecture (CPU+GPU+AI) | Integrated processing units |
🔷 Von Neumann vs Harvard Architecture
| पहलू | Von Neumann | Harvard |
|---|---|---|
| Memory | एक साझा Memory | अलग-अलग Memory (Instruction & Data) |
| Speed | धीमी (Bottleneck) | तेज़ |
| उपयोग | सामान्य Computer | Microcontrollers, DSPs |
🔷 निष्कर्ष (Conclusion)
कंप्यूटर आर्किटेक्चर किसी भी कंप्यूटर सिस्टम की “आत्मा” है।
CPU, ALU, Control Unit, Registers और Buses मिलकर डेटा को प्रोसेस करने, निर्णय लेने और परिणाम देने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
जैसे-जैसे तकनीक विकसित हो रही है, वैसे-वैसे CPU आर्किटेक्चर भी तेज़, अधिक कुशल और ऊर्जा-सक्षम बन रहा है — जिससे आधुनिक कंप्यूटर, मोबाइल और AI सिस्टम असाधारण गति से कार्य कर पा रहे हैं।
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